Right to Information Act, 2005 - 4 (b) VI

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Chapter VI - statement of the categories of documents that are held by it or under its control.


कार्यालय आयुक्त, विकलांग जन, पर प्रस्तुत शिकायती प्रार्थना पत्रों को निस्तारित किए जाने की प्रक्रिया

  1. आयुक्त विकलांग जन, उ0प्र0 कार्यालय में विकलांग जन द्वारा अपनी समस्याओं के निराकरण हेतु सादे कागज पर अपनी समस्या का उल्लेख करते हुए तथा उससे सम्बन्धित अभिलेखों एवं विकलांगता प्रमाण पत्र की छाया-प्रति संलग्न कर शिकायती प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए जाते हैं। इसके साथ कोई शुल्क देय नहीं है।

  2. समस्त शिकायती प्रार्थना पत्रों को आयुक्त, महोदय के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है, प्रथम दृष्टया विकलांग जन अधिनियम-1995 की किसी धारा का स्पष्ट उल्लंघन परिलक्षित होने पर आयुक्त महोदय के विशिष्ट निर्देशों में प्रकरण को विकलांग जन अधिनियम-1995 की धारा-62 के अन्तर्गत परिवाद के रूप में ग्रहण करते हुए निम्नानुसार कार्यवाही की जाती है:-

    अ- परिवाद के रूप में दर्ज शिकायतों पर उभयपक्षों को प्रश्नगत अधिनियम की धारा-62 के अन्तर्गत कारण बताओ नोटिस जारी कर 30 दिनों के अन्दर लिखित रूप से प्रस्तरवार उत्तर / अभिकथन दाखिल किए जाने के निर्देश आयुक्त महोदय के स्तर से दिए जाते है।
    ब- सम्बन्धित पक्ष द्वारा अभिकथन / उत्तर दाखिल न किए जाने की स्थित में उन्हें 15 दिन का अतिरिक्त समय अभिकथन / उत्तर लिखित रूप में दाखिल किए जाने हेतु अनुस्मारक पत्र जारी किया जाता है।
    स-  प्रश्नगत परिवाद पर समयान्तर्गत लिखित रूप से अभिकथन / उत्तर दाखिल होने / दाखिल न होने की स्थिति में उभयपक्षीय सुनवाई के लिए विकलांग जन अधिनियम- 1995 की धारा-62 के अन्तर्गत उपस्थिति हेतु तिथि एवं समय निर्धारित कर वादी एवं परिवादी को सम्मन जारी किया जाता है।
    द- प्रश्नगत परिवाद में आयुक्त महोदय द्वारा परिवाद के गुण-दोष के आधार पर उभयपक्षीय / एक तरफा सुनवाई करते हुए आदेश / निर्णय प्रदान किए जाते हैं।
  3. विकलांग जन की अन्य विभिन्न प्रकार की समस्याओं सम्बन्धी प्राप्त प्रार्थना पत्रों के निराकरण हेतु उन्हें ग्रीवान्स के रूप में सूचीबद्ध करते हुए स्थानीय अधिकारियों / विभागों को प्रशासनिक निर्देश जारी करके राहत दिलाए जाने की कार्यवाही उपायुक्त स्तर से की जाती है तथा प्रकरण पर सम्बन्धित अधिकारियों / विभागों से समन्वय स्थापित करते हुए 90 दिनों के अन्दर उनके ग्रीवान्स का निराकरण कराए जाने का प्रयास किया जाता है।
  4. विकलांग जन अधिनियम- 1995 के प्रभावी क्रियान्वन तथा विकलांग जन की समस्याओं को स्थानीय स्तर पर निराकरण / निस्तारित किए जाने के सम्बन्ध में प्रश्नगत अधिनियम की धारा-60(4), एवं (5) के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश शासन द्वारा अधिसूचना संख्या-4582/दो-1-2003-19/1(17)/2003 दिनांक 16 अगस्त 2003 जारी करते हुए आयुक्त विकलांग जन, उ0प्र0 के अधीन, प्रदेश के समस्त जिलाधिकारियों को पदेन अपर आयुक्त, विकलांग जन, नियुक्त किया गया है तथा इसी क्रम में पत्र संख्या-690-935/263/आ0वि0ज0/2003-04 दिनांक 20 अक्टूबर 2003 द्वारा उनके दायित्व भी निर्धारित किए गए है।
  5. उल्लेखनीय है कि कार्यालय ज्ञाप संख्या 1/2015/764/65-3-2014-19/2014 दिनांक 31.12.2014 द्वारा प्रदेश के जिला विकलांग जन विकास अधिकारियों को पदेन सहायक आयुक्त विकलांगजन नामित किया गया है।